सभी देश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ
Showing posts with label प्रिंट व साइबर मीडिया कार्यशाला. Show all posts
Showing posts with label प्रिंट व साइबर मीडिया कार्यशाला. Show all posts

Sunday, March 13, 2011

विद्यार्थियों ने जानी अंग्रेजी की महत्ता

सिरसा,13 मार्च। प्रतियोगिता के इस दौर में अंग्रेजी का ज्ञान बहुत जरुरी है। मीडिया के क्षेत्र में कामयाबी पाने के लिए अंग्रेजी पर पकड़ होनी आवश्यक है। इसका जितना डर हमारे अंदर बैठा हुआ है,वास्तव में यह उतनी मुश्किल नहीं है। यदि हम प्रयास करें तो इस पर अधिकार प्राप्त किया जा सकता है। यह कहना है अमेरिकन संस्थान के संचालक और हिंदुस्तान टाइम्स के संवाददाता सतपाल सिहं का। वे चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में प्रिंट व साइबर मीडिया कार्यशाला के आठवें दिन विद्यार्थियों से रुबरु हुए।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों को अंग्रेजी का महत्व बताते हुए वे बोले कि यदि आप को हिंदी के साथ इस भाषा की भी जानकारी है, तो आप मीडिया उद्योग में अच्छी कमाई कर सकतें हैं। वे बोले कि हम दैनिक जीवन में अंग्रजी के सैंकड़ों शब्दों का प्रयोग करतें हैं। परंतु अभ्यास की कमी के कारण अंग्रेजी नहीं बोल पाते। अभ्यास के लिए माहौल हमें स्वयं तैयार करना होगा। हमें अपने दोस्तों के साथ अंग्रेजी बोलने की शुरुआत करनी होगी। शुरुआत में हमें फिलर का प्रयोग करना चाहिए इनसे हमें सोचकर बोलने का मौका मिल जाता है।
कार्यशाला के संचालक और विभागाध्यक्ष वीरेंद्र सिहं चौहान ने कहा कि अंग्रेजी के बिना एक पत्रकार का काम नहीं चल सकता। इसलिए जो विद्यार्थी मीडिया में करियर बनाना बाहतें है उन्हें अंग्रेजी का सामान्य ज्ञान होना आवश्यक है। सतपाल सिहं ने कहा कि हमें जब भी अंग्रेजी का कोई नया शब्द दिखे उसे नोट कर लेना चाहिए। इसके बाद शब्दकोष के माध्यम से उस शब्द का अर्थ तथा उच्चारण जानने की कोशीश करें। इससे हमारी अंग्रेजी की शब्दावली मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि हमें पढ़ने कि भी आदत डालनी चाहिए तथा सप्ताह में कम से कम एक अंग्रेजी फिल्म अवश्य देखनी चाहिए।
अंग्रेजी ट्रेनर ने विद्यार्थियों के अनेक सवालों के जवाब भी दिए। अंग्रेजी सीखाने वाले संस्थानों से जुड़े एक सवाल के जवाब में वे बोले कि संस्थान केवल रास्ता दिखा सकतें हैं। जब तक हम स्वयं प्रयास नहीं करेंगें, अंग्रेजी नहीं सीखी जा सकती। आत्म विश्वास संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि आत्म विश्वास ज्ञान से आता है। इसलिए हमें अधिक से अधिक सीखने की कोशीश करनी चाहिए। इस अवसर पर प्राध्यापिका पूनम कालेरा तथा प्राध्यापक कृष्ण कुमार, सन्नी गुप्ता, सुरेंद्र कुमार, विकास सहारण तथा राममेहर भी उपस्थित थे।